Thursday, November 3, 2016

गारे पेलमा एवं कोल माईन्स का कार्य प्रभावित करने वालों पर कार्यवाही

गारे पेलमा  एवं  कोल माईन्स का कार्य प्रभावित करने वालों पर कार्यवाही


*रायगढ़ टॉप न्यूज 03 नवंबर।*  1 नवंबर को SECL डोंगामौहा के खदान गारे पेलमा 4/2 एवं 4/3 पर एक नम्बर बैरियर के समीप ग्राम कोसमपाली, सारसमाल, डोंगामौहा, पेलमा, लिबरा के ग्रामीण एक राय होकर चक्का जाम कर दिये थे जिससे कोल खदान  का उत्पादन एवं सम्प्रेषण कार्य प्रभावित होकर SECL को आर्थिक क्षति हुई , उप क्षेत्रीय प्रबंधक विद्यानाथ झा द्वारा लिखित आवेदन डिप्टी मैनेजर अशोक  साहू 40 वर्ष द्वारा थाना तमनार में  प्रस्तुत किये जाने पर कन्हाई पटेल निवासी कोसमपाली, शिवपाल भगत सरपंच कोसमपाली, अजनलाल पटेल पंच कोसमपाली, श्रीमति भगवती भगत, श्रीमति यशोदा सिदार, कु. रिचा व अन्य ग्रामीणों के विरूद्ध  धारा 147,341 भादंवि दर्जकर विवेचना में लिया गया ।
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निर्दोष आदिवासियों की हत्या और दमन करने वाले पुलिस अधिकारी कल्लूरी को गिरफ्तार करो

**   प्रेस विज्ञप्ति                                                                                                                                                                                                                                     निर्दोष आदिवासियों की हत्या और दमन करने वाले पुलिस अधिकारी कल्लूरी को गिरफ्तार करो
... रमन  सिंह इस्तीफा दो ..


बस्तर बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति
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                                                                                                                                                                                             आज  3 नवम्बर 2016 बस्तर बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बुढा तालाब, रायपुर में धरना देकर आदिवासियों का दमन करने वाले, लोकतंत्र की हत्या करने वाले पुलिस अधिकारी एस आर पी कल्लूरी को गिरफ्तार करने और रमण सिंह के इस्तीफे की मांग की गई  l
धरना पश्चात महामहिम राष्ट्रपति के नाम कार्यवाही की मांग को लेकर राज्यपाल के द्वारा ज्ञापन प्रेषित किया l  मंच से जुड़े जनसंगठनो और राजनितिक दलों ने एक स्वर में कहा की आज बस्तर के अन्दर माओवादी उन्मूलन के नाम पर निर्दोष आदिवासियों का दमन और मानवाधिकारो का क्रूरतापूर्वक हनन हो रहा हैं l आदिवासियों को फर्जी मुठभेड़ो में मारा जा रहा हैं, महिलाओ के साथ सुरक्षाबलो के द्वारा  बलात्कार की घटनाओ को अंजाम दिया जा रहा हैं l यह सब केंद्र और राज्य सरकार के इशारे पर बस्तर की अमूल्य प्राकृतिक संसाधनों की कार्पोरेट लूट का रास्ता तैयार करने के लिए किया जा रहा हैं l
पिछले दिनों माननीय सुप्रीम कोर्ट को सोंपी गई सीबीआई की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया की बस्तर के तीन गाँव मोरपल्ली, तिम्मापुर और ताड़मेटला के 252 घरों को एसआरपी  कल्लूरी के आदेश पर सुरक्षा बालों के द्वारा जला दिए गए, महिलाओ के साथ बलात्कार किये गए l ऐसे पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार करने के बजाये भाजपा सरकार उसे संरक्षण प्रदान कर रही हैं, यही कारण  हैं की राज्योत्सव के दोरान वह अधिकारी देश के प्रधानमंत्री के स्वागत की पहली पंक्ति में हैं और उसके साथ फोटो खिचवाई जा रही हैं l
यह घटना साफ तोर पर दर्शाती हैं की बस्तर के आदिवासियों का दमन भाजपा सरकार के इशारे पर किया जा रहा हैं l
धरना को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष जनक लाल ठाकुर ने कहाः की जो प्रधानमंत्री अपराधियों को संरक्षण प्रदान करे हम ऐसे प्रधानमंत्री को नहीं मानते l यह सरकार मजदूर, किसान, आदिवासी  और दलितों के अधिकारों को कुचल रही हैं किसानो से उनकी जमीनों को छीन कर कार्पोरेट को दे रही हैं l बस्तर के आदिवासियों की जमीन को छीनने के लिए उनका दमन किया जा रहा हैं l
 मार्क्सवादी कमुनिस्ट पार्टी के  राज्य सचिव संजय पराते ने कहा कि संघी गिरोह पुरे देश में आम जनता के अधिकारों पर हमले कर रहे हैं l बस्तर में भी मोदी-रमन -कल्लूरी त्रिगुट आदिवासियों की हत्याए करवा रहा हैं, आम जनता की सम्पति को कार्पोरेट को सोंप रही हैं ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का हक़ नहीं हैं l

 किसान सभा के नंदकुमार कश्यप ने कहा की मानवाधिकार और राजनेतिक कार्यकर्त्ताओं का पुतला जलवाने वाली इस  भाजपा सरकार का लोकतंत्र और संविधान में भरोसा  ही नहीं हैं, यह सरकार नागरिक अधिकारों को कुचलने में विश्वास रखती हैं l

 सीपीआईएम्एल (रेड स्टार) के राज्य सचिव शोरा यादव ने आरोप लागते हुए कहा की छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासियों और किसानो की लाशों पर राज्योत्सव मना रही हैं l
 बस्तर पत्रकार संयुक्त संघर्ष समिति के कमल शुक्ला ने कहा की बस्तर में सुरक्षा बल गैरकानूनी खनन करने वाली कंपनियों को सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं, और निर्दोष आदिवासियों को मार रहे है, उन्होंने कहा की बस्तर में खनिजो की लुट का खेल चल रहा हैं l
 धरना को कामरेड विजेंद्र तिवारी, रमाकांत बंजारे,  एस आर नेताम, कलादास डहरिया, मृदुल सेन गुप्ता, गोल्डी जार्ज, सुधा भारद्वाज आदि ने संबोधित किया l

 धरना में  छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (मजदुर  कार्यकर्त्ता समिति) मार्क्सवादी कमुनिस्ट पार्टी, भारतीय कमुनिस्ट पार्टी (ML) रेडस्टार, भारतीय कमुनिस्ट पार्टी (ML) लिबरेसन, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, आदिवासी कल्याण संस्थान, छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन, जिला किसान संघर्ष समिति, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ क्रिस्चियन फ़ेलोशिप, दलित मुक्ति मोर्चा, पी यु सी एल छत्तीसगढ़, बस्तर पत्रकार संयुक्त संघर्ष समिति, छत्तीसगढ़ किसान सभा, आदि संगठन शामिल हुए
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Wednesday, November 2, 2016

भोपाल एनकाउंटर का विरोध कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता राजीव यादव की लखनऊ में बेरहम पिटाई .



भोपाल एनकाउंटर का विरोध कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता राजीव यादव की लखनऊ में बेरहम पिटाई .



Submitted by TwoCircles.net on 2 November 2016 - 6:41pm

सिद्धांत मोहन, TwoCircles.net

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सामाजिक संगठन रिहाई मंच के नेता राजीव यादव की आज उत्तर प्रदेश पुलिस ने बेरहमी से पिटाई कर दी है. पुलिस राजीव यादव को पीटते हुए हजरतगंज पुलिस थाने ले गयी. थाने में हालत बिगड़ने के कारण राजीव यादव को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करना पड़ा.

दरअसल 31 अक्टूबर को भोपाल में सिमी के कथित कार्यकर्ताओं के संदेहास्पद एनकाउंटर के विरोध में रिहाई मंच के नेता राजीव यादव अपने सहयोगियों के साथ हज़रातगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर धरना देने की तैयारी कर रहे थे.


TwoCircles.net को मिली जानकारी के अनुसार, धरना अभी शुरू भी नहीं हुआ था कि वहां पुलिस पहुंच गयी और रिहाई मंच से जुड़े लोगों को धरना करने से मना करने लगी. इस पर रिहाई मंच के राजीव यादव ने विरोध किया तो पुलिस ने पहले राजीव के साथ बदतमीजी की फिर उन्हें पीटने लगी. राजीव यादव के साथ-साथ शकील कुरैशी की भी पुलिस ने बेरहमी से पिटाई की और उन्हें मारते हुए थाने ले गयी.

इस घटना के पहले जारी प्रेस रिलीज़ में रिहाई मंच ने कहा था कि भोपाल में घटी इस घटना ने मध्य प्रदेश सरकार की एनकाउंटर पॉलिटिक्स को उजागर करके रख दिया है.

सामाजिक संस्था रिहाई मंच आतंकवाद के फर्जी केसों में फंसाए गए लोगों के लिए लम्बे समय से काम कर रही है. मंच से जुड़े वकीलों ने लम्बे समय से सजा काट रहे बेगुनाह मुस्लिम युवाओं को बाइज्ज़त बरी करवाने का काम किया है.

उत्तर प्रदेश की सपा सरकार द्वारा की गयी मुस्लिमविरोधी कार्रवाईयां लम्बे समय से मंच के निशाने पर रही हैं. इसके पहले की मायाव

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आर्थिक नाकेबंदी का दूसरा दिन

** आर्थिक नाकेबंदी का दूसरा दिन

* एक महीने पहले  भी किया था आंदोलन ,कोई & आश्वासन पूरा नहीं किया जिंदल कंपनी ने.
* फिर उतरे सड़क पर ग्रामीण जन.
* लोग डटे हुये है झूठे आश्वासन से नहीं हटेगें.
आन्दोलनकारियों ने कहा है कि बिना समस्या समाधान के नहीं हटेंगे ।
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आज रायगढ के तमनार  में  गारे पेल्मा   ,v  2,3,  कोल माइंस के लोग जिन्दल की गैरकानूनी भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण को ताक में रखकर किये गये गनन और अब कस्टोडियन की एस ई सी एल की बेरूखी से आक्रोशित ग्रामीणों ने आज दूसरे दिन भी आर्थिक नाकेबंदी को चालू रखा .
और दस गाँव के लोगों ने दिया समर्थन ,डोंगामेडा ,कोडकेल ,लिब्रा ,जांजगीर ,नागामूडा के लोग भी जुड़े आंदोलन में और आर्थिक नाकेबंदी को आगे बढ़ाने की बात की .
श्री धनसिह धुर्वे प्रदेश अध्यक्ष नेशनल आदिवासी पीपुल्स फ्रीडम ने भी धरना स्थल पर आकर संबोधित किया और अपना समर्थन दिया . और राज्यपाल तक आवाज़ पहुचाने की बात कही ,इसके आंदोलनकारियों का मनोबल भी बढा .
धरना स्थल पर तहसीलदार भी पहुचे और चर्चा की लेकिन कुछ भी आश्वासन देने से इंकार कर दिया उन्होंने उच्च आधिकारियों से  बात करने के बाद कुछ कर पाने की बात कहकर चले  गये.उन्होंने यह मी कहा कि में अधिकारियों से चर्चा करने के बाद आकर अपनी बात यहाँ  आकर करेंगे.
लोग डटे हुये है झूठे आश्वासन से नहीं हटेगें.
आन्दोलनकारियों ने कहा है कि बिना समस्या समाधान के नहीं हटेंगे ।
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राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच यह मांग करता है कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में एक इन्वेस्टिगेशन टीम बनाकर कराई जाए

राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच और जन संघर्ष मंच की तरफ से इस घटना की जमकर निंदा करता हूँ और राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच यह मांग करता है कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में एक इन्वेस्टिगेशन टीम बनाकर कराई जाए
जिगनेश मेवाणी
संयोजक  राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच
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गुजरात को जिस तरह संघ परिवार अपनी प्रयोग शाला के तौर पर उपयोग करते आ रहा है भोपाल एनकाउंटर उसी प्रयोगशाला की ही देन है।
 क्योंकि भोपाल में जिस तरह विचाराधीन कैदियों को  गिरफ्तार करने की जगह उनकी निर्मम हत्या करना  क्योंकि इसी तरह के एनकाउंटर नरेंद्र मोदी के गुजरात में सत्ता में रहते हुए।
सादिक जमाल, जावेद, इशरत, सोहराबुद्दीन, तुलसी प्रजापति एनकाउंटर और ना जाने कितने लोगों को सिर्फ इसलिए गुजरात पुलिस ने एनकाउंटर के नाम पर हत्या कर डाली और नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने में एक अहम रोल अदा किया है।
 अब इसी प्रयोग को भाजपा शासित राज्यों के भाजपा के मुख्यमंत्रियों को भी यह प्रयोग हिट लग रहा है, शायद भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की प्रधानमंत्री बनने की इच्छा तीव्र हो गई है और इसी कड़ी में भोपाल एनकाउंटर शिवराज सिंह चौहान के प्रधानमंत्री बनने की इच्छा की तरफ उठाया गया पहला कदम है।
लेकिन देश में जिस तरह से मुसलमानों को एनकाउंटर के नाम पर, गौ रक्षा के नाम पर, लव जेहाद के नाम पर और ना जाने किस किस नाम पर हत्याए की जा रही है उसे बाबा साहब आंबेडकर के संविधान से चलने वाला देश कभी स्वीकार नहीं कर सकता है और मैं अपने राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच और जन संघर्ष मंच की तरफ से इस घटना की जमकर निंदा करता हूँ और राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच यह मांग करता है कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सीटिंग जज की निगरानी में एक इन्वेस्टिगेशन टीम बनाकर कराई जाए और इस घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के गाइड लाइन के मुताबिक एफआईआर दर्ज की जाए।
और राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच की मुसलमानों, दलितों आदिवासियों पिछडो के खिलाफ हो रहे पर अत्याचार के खिलाफ पूरे देश में मुसलमानों, दलितों, आदिवासियों और तमाम पिछडो को इकट्ठा करके आंदोलन करने की जरूरत महसूस हुई तो राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच उसके लिए भी तैयार है।
जिगनेश मेवाणी
कनवीनर राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच

Tuesday, November 1, 2016

अनिश्चित कालीन धरना . एक बार फिर सडक पर प्रभावित धरना का पहला दिन

रायगढ़ के तमनार गारे 4/1,2,3 के प्रभावित ग्रामीणों द्वारा आज सी एच पी चौक लिबरा के पास अनिश्चित कालीन धरना .
एक बार फिर सडक पर प्रभावित
धरना का पहला दिन


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तमनार गारे 4/1,2,3 के प्रभावित ग्रामीणों द्वारा अपने पर्यावरण को बचाने के लिए, भू अर्जन प्रभावितों को नौकरी और मुआवजा,जिंदल द्वारा गैरकानूनी और फर्जीवाड़े में ली गयी जमीनों की वापसी, वर्तमान में इस ई सी एल द्वारा गैरजिम्मेदाराना रवैया को लेकर पूर्वनिर्धारित अल्टीमेटम के अनुसार आज सी एच पी चौक लिबरा के पास अनिश्चित कालीन धरना

-चक्काजाम का पहला दिन ।
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Tamnar gare iv /1,2,3 se brbhavit mahila aur purush apne paryavaran ko bachane ke liye zameen khone wale ke liye naukri aur jindal ke dwara farziwade aur kum aur bina muvaze mein lee gsyi zameen ki vapsi aur sahi muavze ke liye phir se sadak par aa gaye . Jindal ke gaitkanooni bhooarjan  aur secl ke berukhi ke beech awaz uthate adivasi kisan masng rahe sarkar se jawab।

( रिपोर्ट डिग्री प्रसाद चौहान )

राज्योत्सव के आयोजन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित *** 1 नवंम्बर 2016 छत्तीसगढ़ निर्माण दिवस बस्तर बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से आज "छत्तीसगढ़ राज्योत्सव किसका उत्सव" विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया । राज्य की बदहाल स्थिति विशेषकर किसानो, मजदूरो, आदिवासियों, दलितों,अल्पसंख्यको पर अत्याचार व उत्पीड़न की गम्भीर स्थिति पर चर्चा करते हुए प्रतिभागियों ने सर्वसम्मति से राज्योत्सव के आयोजन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया । सीपीएम के राज्य सचिव संजय पराते ने कहा कि उत्सव राज्य के बहुसंख्य लोगो का होना चाहिए लेकिन यहाँ के दलित आदिवासी उत्पीड़ित है, कुपोषित है । यह राज्य के लोगों का नहीं बल्कि कारपोरेट और दलालों का उत्सव है । दलित मुक्ति मोर्चा के गोल्डी जॉर्ज ने प्रश्न किया कि दलितों, आदिवासियों की लाश पर उत्सव क्यों ? अल्पसंख्यक संस्थाओं पर हमला हो रहा है । चर्च पर हमले हो रहे है लेकिन राज्य सरकार चुप है । सीपीआई एमएल रेड स्टार के सचिव सौरा यादव ने राज्य के मजदूरों की बदहाल स्थिति की चर्चा की । पूर्व विधायक वीरेंद्र पांडे ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ राज्य के लोगो का नही राजा का उत्सव है । राज्योत्सव के लिये ग्राम के मूलभूत बजट से सरपंचो को ग्रामीणों को लाने की जिम्मेदारी दी गई । शिक्षकों की स्थिति बेहद खराब है, शिक्षककर्मी आन्दोलनरत है । यह आम जनता का घाघ जनता का उत्सव है । विकास की नई परिभाषा गढ़ी जाये, मानवता के विकास की आवश्यकता है । छत्तीसगढ़ विकास का पैमाना जीडीपी नही आनन्द का पैमाना हो । श्री पांडे ने राज्य में बस्तर पुलिस द्वारा पुतला जलाये जाने की उन्होंने निंदा की और कहा की यह प्रदेश में लोकतन्त्र के खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है । सीपीआई एमएल के सचिव बिजेंद्र तिवारी ने कहा कि मजदूरों को अपना वाजिब अधिकार नही मिल रहा है । युवा छात्र विवेक ने बताया कि युवाओं पर सांस्कृतिक प्रदूषण हो रहा है । युवाओ की सोच में बदलाव जरुरी है । नदी घाटी मोर्चा के गौतम बंद्योपाध्याय ने कड़वा सच से अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ में किसानो से मजदूरों बनने वालों की संख्या बढ़ रही है । प्रति व्यक्ति आय बढ़ी लेकिन गरीबी कम नही हुई । राज्य की शिक्षा व्यवस्था कृषि व्यवस्था ध्वस्त हो गई है । जयप्रकाश नायर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति नष्ट हो रही है । लोक कर्मी निसार अली ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और चर्चा की एवम् लोकगीत प्रस्तुत किया । उन्होंने देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हो रहे हमले की चर्चा की । उन्होंने मनीष कुंजाम की पत्रवार्ता में हमले की निंदा की । प्रदेश का पीड़ित व्यक्ति सहयोग की प्रतीक्षा कर रहा है । बस्तर में साहित्यिक चर्चा नही कर पा रहे है । परिचर्चा के समापन पर सर्वसम्मति से तय किया गया कि बस्तर में आदिवासियों के पुलसिया दमन के खिलाफ भाजपा सरकार के इस्तीफा की मांग को लेकर 3 नवम्बर को धरना दिया जायेगा । डॉ संकेत ठाकुर संयोजक सदस्य बस्तर बचाओ संयुक्त संघर्षसमिति

राज्योत्सव के आयोजन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित
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1 नवंम्बर  2016
छत्तीसगढ़ निर्माण दिवस
बस्तर बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से आज "छत्तीसगढ़ राज्योत्सव किसका उत्सव" विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया । राज्य की बदहाल स्थिति विशेषकर किसानो, मजदूरो, आदिवासियों, दलितों,अल्पसंख्यको पर अत्याचार व उत्पीड़न की गम्भीर स्थिति पर चर्चा करते हुए प्रतिभागियों ने सर्वसम्मति से राज्योत्सव के आयोजन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया ।
सीपीएम के राज्य सचिव संजय पराते ने कहा कि उत्सव राज्य के बहुसंख्य लोगो का होना चाहिए लेकिन यहाँ के  दलित आदिवासी उत्पीड़ित है, कुपोषित है । यह राज्य के लोगों का नहीं  बल्कि कारपोरेट और दलालों का उत्सव है ।
दलित मुक्ति मोर्चा के गोल्डी जॉर्ज ने प्रश्न किया कि दलितों, आदिवासियों की लाश पर उत्सव क्यों ? अल्पसंख्यक संस्थाओं पर हमला हो रहा है । चर्च पर हमले हो रहे है लेकिन राज्य सरकार चुप है । सीपीआई एमएल रेड स्टार के सचिव सौरा यादव ने राज्य के मजदूरों की बदहाल स्थिति की चर्चा की ।
पूर्व विधायक वीरेंद्र पांडे ने कहा कि यह छत्तीसगढ़  राज्य के लोगो का नही राजा का उत्सव है । राज्योत्सव के लिये ग्राम के मूलभूत बजट से सरपंचो को ग्रामीणों को लाने की जिम्मेदारी दी गई । शिक्षकों की स्थिति बेहद खराब है, शिक्षककर्मी आन्दोलनरत है । यह आम जनता का घाघ जनता का उत्सव है । विकास की नई परिभाषा गढ़ी जाये, मानवता के विकास की आवश्यकता है ।  छत्तीसगढ़ विकास का पैमाना जीडीपी नही आनन्द का पैमाना हो । श्री पांडे ने राज्य में बस्तर पुलिस द्वारा पुतला जलाये जाने की उन्होंने निंदा की और कहा की यह प्रदेश में लोकतन्त्र के खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है ।
सीपीआई एमएल के सचिव बिजेंद्र तिवारी ने कहा कि मजदूरों को अपना वाजिब अधिकार नही मिल रहा है । युवा छात्र विवेक ने बताया कि युवाओं पर सांस्कृतिक प्रदूषण हो रहा है । युवाओ की सोच में बदलाव जरुरी है ।  नदी घाटी मोर्चा के गौतम बंद्योपाध्याय ने कड़वा सच से अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ में किसानो से मजदूरों बनने वालों की संख्या बढ़ रही है । प्रति व्यक्ति आय बढ़ी लेकिन गरीबी कम नही हुई । राज्य की शिक्षा व्यवस्था कृषि व्यवस्था ध्वस्त हो गई है । जयप्रकाश नायर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति नष्ट हो रही है । लोक कर्मी  निसार अली ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और चर्चा की एवम् लोकगीत प्रस्तुत किया । उन्होंने देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हो रहे हमले की चर्चा की । उन्होंने मनीष कुंजाम की पत्रवार्ता में हमले की निंदा की । प्रदेश का पीड़ित व्यक्ति सहयोग की प्रतीक्षा कर रहा है । बस्तर में साहित्यिक चर्चा नही कर पा रहे है ।

परिचर्चा के समापन पर सर्वसम्मति से तय किया गया कि बस्तर में आदिवासियों के पुलसिया दमन के खिलाफ भाजपा सरकार के इस्तीफा की मांग को लेकर 3 नवम्बर को  धरना दिया जायेगा ।

डॉ संकेत ठाकुर
संयोजक सदस्य
बस्तर बचाओ संयुक्त संघर्षसमिति