अजा आयोग के निर्देश के बाद प्रशासन ने उठाया सख्त कदम
नईदुनिया खबर का असर
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रायगढ़।नईदुनिया प्रतिनिधि
कुनकुनी आदिवासी जमीन घोटाले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के निर्देश के बाद एसडीएम खरसिया ने 73 लोगों को नोटिस जारी कर जमीन वापस करने का फरमान जारी किया है। प्रशासन के इस कदम से मामले में संलिप्त लोगों में हड़कम्प है।
जिले का कुनकुनी आदिवासी जमीन घोटाले को लेकर नईदुनिया द्वारा खुलासा किया गया था। कुनकुनी जमीन घोटाले को लेकर नईदुनिया द्वारा हरेक तथ्यों को लेकर खबरें लगातार प्रकाशित की गई थी। इस मामले में अजजा आयोग में गुहार लगाने के बाद आयोग द्वारा कलेक्टर एसपी सहित रेलवे डीआरएम को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया और मामले में त्वरित कार्रवाई का निर्देश देते हुए कार्रवाई से एक सप्ताह में अवगत कराने का भी निर्देश भी दिया गया था। राष्ट्रीय अजजा आयोग की सख्ती के बाद प्रशासन को भी मामले को गंभीरता से लेना मजबुरी बन गई। दर असल मामले का खुलासा होने के बाद प्रशासन सफेद पोशों का कार्रवाई न करने का लगातार दबाव बना रहा जिसकी वजह से प्रशासन इस मामले से जुड़े लोगों पर कार्रवाई नहीं कर पा रही थी हालाकि इस मामले से जुड़े अधिकारियों पर निलंबन के कार्रवाई की गाज जरुर गिरी लेकिन पीड़ित आदिवासियों को न्याय नहीं मिल पा रहा था।
बीते माह कलेक्टर एसपी रेलवे डीआरएम की राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग दिल्ली में पेशी के बाद इसमें तेजी आने की बात कही जा रही थी। आयोग ने भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कार्रवाई से आयोग को सूचित करने का भी फरमान जारी किया गया था। बताया जा रहा है कि इसी के बाद प्रशासन द्वारा आदिवासी जमीन खरीदी बिक्री मामले से जुड़े 72 प्रकरणों पर नोटिस जारी करते हुए जमीन वापसी करने का नोटिस जारी किया गया है। कुनकुनी में भूमाफियाओं द्वारा ग्रामीण आदिवासी किसानों की कृषि भूमि को छल कपट पूर्वक औने पौने दाम में अपने नौकरों के नाम पर बेनामी रूप से खरीद के उस पर रेल्वे साइडिंग सहित कोलवाशरी लगाने के प्रयास को उस वक्त झटका लगा जब उक्त मामले में हाईकोर्ट में याचिका कर्ता जयलाल राठिया की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। इसके बाद मृतक जयलाल राठिया के पूत्र ने इसे राष्ट्रीय अजजा आयोग के समक्ष गुहार लगाई।
आदिवासी किसानों की 300 एकड़ भूमि को भूराजस्व संहिता की धारा 170 (1),(2) बेनामी सम्पत्ति क्रय विक्रय अंतरण अधिनियम के तहत मूल भूमिस्वामी को वापसी के आदेश तात्कालिक आईएएस प्रभात मल्लिक द्वारा दिये जाने एवं बिना जाति प्रमाण पत्र के साथ अवैधानिक रूप से आदिवासियों की कृषि भूमि को गैर आदिवासियों द्वारा धोखाधड़ी करते हुए रजिस्ट्री कराए जाने की जांच तहसीलदार खरसिया से कराके अवैध पाए जाने पर लगभग 72 प्रकरण के अंतर्गत 200 एकड़ भूमि को मुल भूमिस्वामी को वापस करने के सम्बंध में एसडीएम न्यायालय खरसिया से सम्बंधित किसानों को आदेश जारी किया गया है।
16 और 19 जून को है तारिख
संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने खरसिया एसडीएम कोर्ट में 16 और 19 जून को बुलाया गया है। उनसे यह भी पूछा गया है कि आपके पास यह जमीन कैसे आई और कहां से खरीदी।
इन लोगों को हुआ नोटिस जारी
इस मामले में प्रमुख रूप से सप्तऋषि इंप्रᆬाटेक, संतराम राठिया, संतोष गौतम, श्रीकांत सोमावार का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। इनमें शामिल सभी नाम कंपनियों से जुड़े हैं।
300 एकड़ से ज्यादा जमीन का है घोटाला
कुनकुनी मामले में 300 एकड़ से ज्यादा आदिवासी जमीन को गैर आदिवासियों ने गलत तरीके से खरीदकर कब्जा कर लिया था। नईदुनिया द्वारा मामले के खुलासे के बाद जिला प्रशासन ने भी तत्काल मामले की जांच कराई थी और उक्त लोगों को दोषी पाया गया था।
यहां से 73 लोगों को नोटिस जारी किया गया है और उन्हें 16 जून तक एसडीएम कोर्ट में उपस्थित होने कहा गया है ताकि उनका पक्ष जाना जा सके।
अभिषेक गुप्ता, एसडीएम, खरसिया ।
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